1छोटे बच्चे
- रोज़ कुछ समय घर से बाहर खेलना
- कार्टून और ऑनलाइन क्लास के बीच छोटे विराम
- किताब आँखों से बहुत पास न रखना
- स्कूल की जाँच के अलावा भी विशेषज्ञ की सलाह पर जाँच
जैसे थाली में हर कटोरी का स्वाद अलग होता है, वैसे ही हर उम्र की आँखों की ज़रूरत भी अलग है। यहाँ चार लोगों के लिए आदतें हैं।
हर उम्र के लिए अभ्यासों का तरीका सरल नेत्र-अभ्यास पन्ने पर विस्तार से लिखा है।
जाँच के समय घबराहट में ज़रूरी बातें भूल जाना आम है। इन सवालों को एक पर्ची पर लिख लीजिए और साथ ले जाइए।
ये संकेत निदान नहीं हैं, केवल यह बताते हैं कि कब घरेलू आदतों से आगे बढ़कर किसी योग्य व्यक्ति से मिलना चाहिए।
112 पर कॉल करें या सीधे नज़दीकी अस्पताल जाएँ:
इन पर नेत्र विशेषज्ञ से मिलने में देर न करें:
लेखों या अभ्यासों से जुड़ा सवाल हो, या आप किसी उम्र के लिए नया लेख चाहते हों, तो हमें लिखिए। निजी स्वास्थ्य सवालों के लिए नेत्र विशेषज्ञ ही सही पता हैं।